प्रियंका चोपड़ा ने कहा ” सिनेमा ही नहीं हर जगह होता है महिलाओ के साथ बुरा व्यवहार”

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आजकल हर लड़की हर वक़्त अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है | चाहे वह उसका घर हो, स्कुल हो, कॉलेज हो या ऑफिस या मार्किट हो लड़कियाँ हर वक़्त बस यही सोचती हैं की हम सही सलामत घर पहुंच जाएँ | इसी बात पे प्रियंका चोपड़ा ने अपना बयान रखा | वह पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया गयी थी लेक्चर देने वह उन्होंने कुछ ऐसी बात कही | आइये देखे क्या थी वह बातें |

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आज देश की हर लड़की का सपना है कि वो प्रियंका चोपड़ा बनें। लेकिन प्रियंका चोपड़ा बनने का सिक्रेट क्या है? ये बात तो केवल प्रियंका चोपड़ा बता सकती हैं और उन्होंने इसका भी जवाब दिया वो भी सभी लोगों की मौजूदगी में। प्रियंका चोपड़ा ने पेंग्विन पब्लिकेशन के सलाना कार्यक्रम में भाग लिया था। इस प्रोग्राम की थीम थी- ‘ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग: चेज़िंग द ड्रीम’।

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केवल कर रही हैं अपने सपनों को पूरा

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प्रियंका चोपड़ा पिंक कलर की ड्रेस में थी जिसमें वो काफी सुंदर और अट्रेक्टिव लग रही थीं। इवेंट के शुरुआत में ही प्रियंका कहती हैं कि “मेरे पापा हमेशा जो मेरे से कहते थे वो मैं आप से शेयर करना चाहती हूं।” आगे बोलते हुए वे कहती हैं कि “क्यों आप किसी ग्लास स्लिपर के अंदर फिट होते हो जबकि आप ग्लास सीलिंग तोड़ सकते हो?” इसके साथ वे बताती हैं कि वो ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग की कोई ज्यादा बड़ी फैन नहीं है। मतलब ग्लास को तोड़ना उतना उन्हें एक्साइट नहीं करता। आगे वे कहती हैं कि “मैं कभी किसी मिशन पर नहीं रही। लेकिन हां, मैं केवल अपने सपनों को पूरा जरूर करना चाहती हूं। मैं अपने आप का बेस्ट वर्शन बनना चाहती हूं जितना कि मैं हो सकती हूं”।

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प्रियंका के 12 rules

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प्रियंका चोपड़ा ने सोसायटी में ग्लास ब्रेक करने मतलब बने बनाए नियमों को तोड़ने के 12 rules बताए। इन rules को फॉलो कर आप भी अपनी जर्नी को सफल बना सकते हैं। इस rules में पर्सनल, प्रोफेशनल और सोसिऐटल डोमेन शामिल हैं। लोगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें। आपके पास जो है उसके लिए युनिवर्स को हमेशा थैंक्स कहें। ये रहे उनके 12 रूल्स  :

  • महत्वकांक्षी बनें। स्पेशली वूमेन।
  • अपनी तरह दूसरा कोई नहीं। खुद को पहचानें।
  • सपने देखें और उनके साथ उड़ें। बदलाव के डर से सपने देखना बंद ना करें।
  • हर कोई आप से खुश नहीं हो सकता। तो कोशिश भी ना करें।
  • हारना ठीक है। गिरना भी ठीक है। लेकिन हार के बाद और गिरने के बाद उठना भी जरूरी है।
  • रिस्क लेना जरूरी है लेकिन सोच-समझकर रिस्क लें।
  • कोई भी आपका टाइम डिसाइड नहीं कर सकता।
  • सपनों की लिए लालची होने में बुराई नहीं। इसलिए थोड़े में सेटिस्फाई ना हों।
  • अपने आस-पास के लोगों और दोस्तों का सोच-समझकर चुनें।
  • हर चीज को सीरियस ना लें। जिंदगी का मजा लेना भी जरूरी है।
  • अपनी नींव को कभी ना भूलें।
  • इंसानियत को खुद के अंदर जिंदा रखें। अगर किसी ने आपके लिए कुछ किया है तो उसका एहसान मानेँ।

यह थी कुछ बातें जो प्रियंका चोपड़ा ने कहा था |

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