क्या आप जानते हैं स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी का कलर ओलिव ग्रीन ही क्यों है ??

फीचर्ड विचित्र

स्टैच्चू ऑफ़ लिबर्टी का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा | वह भी दुनिया के अद्भुत कारगत में से एक ऐसी चीज़ है जिसे देखने की सबकी इच्छा एक बार तो हो ही जाती है | अपनी अद्धभुत वास्तुकला और ऑलिव ग्रीन रंग की स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी आज अमेरिका का पहचान है । विशेष रूप से इसका रंग अमेरिकी स्वतंत्रता का प्रतीक है । मगर, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसका रंग हमेशा से ही ऑलिव ग्रीन नहीं था। गौरतलब है कि फ्रांस ने 1885 में लेडी लिबर्टी को अमेरिका को उपहार में दिया ।

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उस समय यह भव्य मूर्ति रेडिश ब्राउन रंग की थी । न्यूयॉर्क सिटी की हवा के 30 साल के केमिकल रिएक्शन की वजह से इसका रंग बदल गया । अमेरिकन केमिकल सोसायटी और पीबीएस डिजिटल स्टूडियो ने इस बारे में जानकारी देने के लिए एक वीडियो तैयार किया है ।

इस वीडियो के मुताबिक अपने पहले कुछ दशकों में मूर्ति का रंग धीरे-धीरे चमकीले तांबे के रंग से डल ब्राउन और फिर अंत में नीली-हरे रंग की हो गई । शोधकर्ताओं ने बताया कि मूर्ति पर किया गया कॉपर कलर हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ लगातार रिएक्शन करके काले रंग का ‘टेरोनाइट’ बनाती है ।

हवा में सल्फ्यूरिक एसिड और मूर्ति के चारों ओर साल्टी एयर (हवा में मौजूद नकम) के कारण टेरेनाइट के साथ रिएक्शन हुआ, जिससे स्टेच्यू का रंग ऑलिव ग्रीन हो गया ।

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उन्होंने बताया कि मूर्ति पर ऑलिव ग्रीन रंग की कोटिंग हवा में मौजूद घटकों से मूर्ति में जंग लगने से बचाती है । इसीलिए सौ से अधिक वर्षों से इस मूर्ति का रंग ऑलिव ग्रीन ही रखा गया है ।

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