क्या आप भी सेनेटरी नैपकिन और डायपर को कूड़ेदान में डालती है तो एक बार ज़रूर पढ़ लें ये

फीचर्ड वीमेन

गन्दगी किसी को भी पसंद नहीं होती है फिर चाहे वो हमारा घर हो या ऑफिस | अक्सर ऐसा होता है की हम खुद की साफ सफाई के बारे में तो काफी ध्यान देते हैं लेकिन अपने पर्यावरण की सफाई की ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं देते और इसकी जिम्मेदारी हम सफाईकर्मियों की समझते है लेकिन हम ये नहीं सोचते की वो सफाईकर्मी भी तो एक इन्सान है जिसे गंदगी नहीं पसंद है लेकिन ये उसकी मजबूरी है की वो आप की गंदगी को साफ करता है इसीलिए हमे इस चीज का ध्यान रखना चाहिए की गंदगी बिह ऐसी ना फैलाई जाये जिससे उसे साफ़ करने वाले लोग भी घृणित हो जाएँ |

via

अक्सर हम लोगो से यह सुनते हैं की लड़के बहुत गन्दगी करते हैं | उनका हर समान भिखरा हुआ रहता है | लेकिन उन लोगों ने शायद कभी भी लड़कियों के टॉयलेट यूज नहीं किए होते हैं | कभी-कभी ऑफिस में ऐसा होता है कि लड़कियां टॉयलेट को गंदा छोड़ देती हैं जैसे की पैड्स को बिना कवर किये ही वाशरूम में रख देती हैं जो बेहद ही गंदा काम होता है ऐसे में हम तुरंत हाउसकीपिंग वाली दीदी के पास जाते हैं, कि आप साफ़ कर दो | क्योंकि हमें यह लगता है की ये उनका काम है |

via

हम इन दिनों इतने ज्यादा स्वार्थी हो गए हैं की हम अपने अलावा किसी के बारे में सोचते भी नहीं है |हम कभी यह नहीं सोचते की जिनके हवाले हम सारा कचरा कर देते हैं, उनको उसे देखकर कैसा लगता है, कि वो भी इंसान हैं | वो भी दीदियां हैं अपने बच्चों के लिए खाना बनाकर उन्हें स्कूल भेजने वालीं, बिलकुल हमारी माओं की तरह | आज सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही विडियो वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद शायद आप कभी भी पैड और डायपर को बिना रैप किये हुए नहीं फेकेंगी |

via

पर्यावरण मंत्रालय ने कचरे के प्रबंध की सरकारी नीति के तहत इस प्रावधान को अनिवार्य कर दिया क्योंकि कूड़ा उठाने वाले लोग कंडोम, डायपर और पैड को बिनने में हिचकते हैं क्योंकि इन चीजों को लोग सही तरीके से कूड़े में नहीं डालते हैं और इस नए नियमों के तहत कंपनियों, ब्रैंड के मालिकों और मार्केटिंग कंपनियों से उम्‍मीद की गई है कि वे इन उत्‍पादों के सही तरह से डिस्‍पोजल के तौर तरीकों के बारे में आम लोगों को शिक्षित करेंगे।

via

नए नियम पूरे देश में स्थानीय निकायों द्वारा लागू किए जाएंगे। इसलिए अब इन सारे प्रोडक्ट को बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिये गये हैं कि वो ‘सैनिटरी वेस्ट’ के साथ डिस्पोजल पाउच दें जिसमें यह लिखा हो कि इन सारी चीजों का निपटारा प्रयोग के बाद कैसे करना है | स्थानीय निकायों को बड़े पैमाने पर इस तरह का कचरा पैदा करने वालों से ‘यूजर फी’ चार्ज करने का अधिकार भी दिया गया है । इसके साथ ही इस तरह के कचरे को इधर-उधर फैलाने पर जुर्माना लगाने का अधिकार भी स्‍थानीय निकायों को दिया गया है ।

आइये देखे वीडियो जिससे आप पूरा मसला समझ पाएंगे :

यह भी ज़रूर पढ़े :

इस लड़की की बात सुन आपको भी लगेगा की आप गलत हैं, ज़रूर सुने

Featured Image Courtesy

Tagged

Review Overview

Summary

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *