संत जयेंद्र सरस्वती को दी गई महासमाधि

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कांचीपुरम, 1 मार्च (आईएएनएस)| कांची पीठ के 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को शंकर मठ परिसर में गुरुवार को महासमाधि दी गई। जयेंद्र सरस्वती का एक दिन पहले निधन हो गया था। उनकी समाधि या ‘वृंदावनम’ उनके पूर्ववर्ती 68वें शंकराचार्य और मशहूर चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती की समाधि के समीप बनाई गई है।

हिंदू संतों के लिए पालन की जानी वाली परंपरा के मुताबिक, 82 वर्षीय शंकराचार्य के पार्थिव शरीर को महासमाधि दी गई।

कर्मकांड अनुष्ठान शंकर मठ के 70वें शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा किए गए।

जयेंद्र सरस्वती के निधन के बाद बुधवार को विजयेंद्र सरस्वती शंकर मठ के प्रमुख बन गए।

उन्होंने बाद में मीडिया को बताया कि वह जयेंद्र सरस्वती के पदचिन्हों पर चलेंगे। जयेंद्र एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु के रूप में जाने जाते थे जो धर्म और जाति से ऊपर उठकर लोगों की मदद किया करते थे और आर्शीवाद देने में भेदभाव नहीं करते थे।

उन्होंने कहा कि जयेंद्र सरस्वती ने सभी वर्गो के बीच समन्वय का भी काम किया।

शंकर मठ में अंतिम विधि के दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, केंद्रीय मंत्री पोन. राधाकृष्णन और कई अन्य लोग भी मौजूद थे।

जयेंद्र सरस्वती बुधवार सुबह सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे थे। उन्हें तमिलनाडु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

–आईएएनएस

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