अगर आप भी हैं बुक लवर्स तो ज़रूर जाएं यह होटल्स, जो सिर्फ बुक लवर्स के लिए बना है

ट्रैवेल फीचर्ड

अगर आपको बुक पढ़ने का शौक है तो आप कही ना कही जगह बना ही लेते हैं | मेट्रो ट्रेन, बस और कैब में अकसर आपने अपनी बगल की सीट पर बैठी महिलाओं को नॉवल, मैगजीन या न्‍यूजपेपर पढ़ते हुए देखा होगा | जाहिर है कि ट्रैवल के दौरान भी बुक का साथ न छोड़ने वाली ऐसी महिलाएं किस हद तक बुक लवर होंगी | लेकिन अब हम आपको कहें की ऐसे होटल्स भी हैं जो कुछ ऐसे बनाये गए हैं की आपको यहाँ रह कर पढ़ने में कुछ अलग ही आनंद आ जायेगा |

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आप को जान कर अजीब लग रहा होगा मगर यह सच है कि अगर अगर आप बुक लवर हैं और फ्रीक्‍वेंट ट्रैवल करती रहती हैं, तो जिस जगह आप रुक रही हैं उस जगह के बारे में एक बार गूगल करके यह जरूर चैक करें कि कहीं वहां पर कोई ऐसा होटल तो मौजूद नहीं है, जो खास बुक लवर्स के लिए हो | क्‍यों कुछ ऐसे ही होटल्‍स के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, जहां पर एक-दो या दर्जन भर किताबें नहीं बल्कि किताबों की पूरी लाइब्रेरी ही मौजूद हैं |

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सिल्विया बीच होटल, न्यूपोर्ट, ओरेगन :

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इस होटल के अंदर घुसते ही आपको किताबों की सुगंध आनी शुरु हो जाएगी। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस तकनीकी युग में भी इस होटल में न तो वाईफाई है, न टीवी और न ही इंटरनेट की सुविधा है। यहां बस किताबें ही किताबें हैं। यहां के कमरे भी अगाथा क्रिस्टी, मार्क ट्वेन, जेके रोलिंग, डॉ सीस, जॉन स्टाइनबेक, शेक्सपियर और जूलस वर्ने जैसे राइटर्स की किताबों से इंफ्लूएंस्‍ड हैं |

लाइब्रेरी होटल, न्यूयॉर्क, एनवाई :

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यहां पर घूमने और मस्ति करने के अलावा अगर आप थोड़ा रिलैक्‍स करने चा‍हती हो और आपको किताबों से प्‍यार हो तो यहां के लाइब्रेरी होटल जरूर आएं। यहां आपको खाने के साथ ही किताबें भी सर्व की जाती हैं। इसके साथ ही इस होटल की 14वीं मंजिल में एक पोयट्री गार्डन है, जहां पर फेमस पोयट की कई किताबों के साथ आप नेचर का माजा भी ले सकती हैं |

ताज फलकनुमा पैलेस, हैदराबाद, भारत :

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अगर आपका काभी हैदराबाद जाना हो तो आपके लिए ताज फलकनुमा पैलेस होटल एक बेस्‍ट ऑप्‍शन होगा। यह होटल वास्‍तव में एक पैलेस था जिसका निमार्ण 1894 में किया गया था। अब इसे होटल का स्‍वरूप दे दिया गया है। यहां पर आकर आपको न केवल रॉयल फीलिंग आएगी बल्कि यहां मौजूद 5000 से भी ज्‍यादा किताबों वाली लाइब्रेरी आपको ढेर सारी रेयर किताबें और मैन्‍युस्क्रिप्‍ट पढ़ने का मौका देंगी। यहां की मैनेजमेंट टीम कहती हैं कि अगर इस लाइब्रेरी में आकार कोई रोज एक किताब भी पढ़ेगा तो सारी किताबे पढ़ने में उसे 16 वर्ष लग जाएंगे  |

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