अगर आप भी हैं इस तरह के प्राणी तो बिलकुल भी मत रखियेगा उपवास

फीचर्ड हेल्थ

हिन्दू धर्म में तपस्या और तप को एक विशेष दर्जा दिया गया है। कहा जाता है हमारे इष्ट हमारे तप से प्रभावित हो कर हमें दर्शन देते हैं। इसी तप की एक कड़ी को उपवास कहा जाता है। उपवास में भूखे रह कर भगवान की उपासना की जाती है। साल में लगभग आधे दिन हिन्दू धर्म के अनुसार उपवास के होते हैं। जिसका जो इष्ट होता है वो सप्ताह में उस दिन उपवास रखता है। धार्मिक महत्व के साथ-साथ उपवास का वैज्ञानिक महत्व भी है। उपवास करना कई मामलों में स्वास्थवर्धक भी माना जाता है। फ़िलहाल हिन्दू नववर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्र भी शुरू हो गयी है। और इन 9 दिन अधिकतर लोग उपवास रखते हैं मगर कई बीमारी ऐसी भी होती है जिसमें उपवास रखना काफी ख़तरनाक साबित हो सकता है। फिर चाहे ठण्ड हो या गर्मी ऐसे लोगों को कभी उपवास नहीं करना चाहिए, आइये जानते हैं वो कैसे लोग हैं।

डायबिटीज के मरीज

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डायबिटीज के मरीजों को विशेष तौर पर अपना ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ती है। उन्हें समय पर दवाई लेने के लिए समय पर खाना बेहद जरुरी है। ऐसा न करने से उनकी तबियत ख़राब हो सकती है।

हाई बी.पी. वाले भी रहने ही दें

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हाई बी.पी. वालों का एक दिन भी भूखे रहना उनके शरीर को हिला कर रख सकता है। इसलिए उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग भी उपवास को रहने ही दें। और घबराएं नहीं बिना भूखे रहे भी भक्ति हो सकती है।

दिल के मरीज

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दिल के मरीजों को भी अपने खाने पिने का बेहद ख्याल रखना पड़ता है, ऐसा न करने से उनकी तबियत बिगड़ सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं शरीर ठीक से काम करना भी बंद कर देता है। दिल के साथ ही फेफड़ों के मरीजों को भी उपवास नहीं रखना चाहिए।

किडनी सबंधित परेशानी

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जो लोग किडनी सबंधित परेशानी से जूझ रहे हैं उन्हें उपवास से दुरी बनाए रखना चाहिए। क्योंकि ऐसे लोग अगर उपवास कर लें तो उनकी किडनी भी फेल हो सकती।

एनीमिया

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एनीमिया से ग्रसित लोग अगर उपवास कर ले तो उन्हें कमजोरी और सर दर्द जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए ऐसे लोग भी उपवास न ही करें।

लीवर

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लिवर से जुड़ी समस्याएं हो, तब भी उपवास करने से बचें क्योंकि उपवास करने से लीवर फेल होने की संभावना होती है।

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