क्या आपको पता है IBM के इस कंप्यूटर के बारे में जो किसी भी चीज़ को देखते ही बता देता है वो असली है या नकली

फीचर्ड साइंस एंड टेक्नोलॉजी

समझ नहीं आता इस दौर में जन्म लेने पर ख़ुशी मनाऊं या मातम। नित नए अविष्कार देख रोज सर आश्चर्य से घूम जाता है। लगता है असंभव नाम के शब्द को मौजदा दौर ने नकार दिया है,उनके अनुसार कोई ऐसी चीज़ है ही नहीं जो असंभव हो। और न सिर्फ उन्होंने यह कहा है बल्कि करके भी दिखाया है। इस आश्चर्य की शुरुआत कंप्यूटर बनने से हुई, कहा जाता है कंप्यूटर दुनिया का सबसे बड़ा अविष्कार है। इसी के बाद नए आविष्कारों की राह तैयार हुई, और फिर जो भी टेक्नोलॉजी बाज़ार में आई सभी हैरान करके गयी। इन दिनों ऐसा ही एक प्रोडक्ट दुनिया की हवा बदलने में लगा है, इसे दुनिया का सबसे छोटा कम्प्यूटर कहा जा रहा है। आइये जानते हैं क्या है इसमें ख़ास

‘थिंक 2018 कांफ्रेंस’

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फ़िलहाल वेगास में अमेरिकन मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी आईबीएम का ‘थिंक 2018 कांफ्रेंस’ नामक एक इवेंट चल रहा है। यह इवेंट नए इनोवेशंस पर बात करने के लिए जाना जाता है। इस बार भी ऐसी ही इनोवेशंस चर्चा में आइबीएम ने दुनिया के सबसे छोटे कम्प्यूटर के बारे में बता कर सब को हैरानी में डाल दिया हालांकि इसे खुली आँखों से तो आप नहीं देख पाएंगे मगर तस्वीरें और फीचर जरुर जान लीजिये।

सबसे छोटा कम्प्यूटर

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दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी IBM ने दुनिया के सबसे छोटे कम्प्यूटर का खुलासा करते हुए कहा कि यह 1X1mm साइज का होगा यानी नमक के दाने से भी छोटा। वहीं यह छोटा सा कम्प्यूटर आप नंगी आँखों से नहीं देख पाएंगे इसके लिए आपको माइक्रोस्कोप की जरुरत पड़ेगी। इसका आकार जितना छोटा है इसकी लागत भी उतनी ही कम है बताया जा रहा है इसे बनाने में दस सेंट से भी कम पैसे खर्च हुए हैं।

बड़े काम का है यह

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बताया जा रहा है कि इस कम्प्यूटर में IBM ने 10 लाख ट्रांजिस्टर लगाएं है। हालांकी इन्हें वैसे देखना संभव नहीं होगा सूक्ष्म दृष्टि का उपयोग करके इन्हें देखा जा सकता है। दिखने में छोटा सा यह कम्प्यूटर काफी सारे काम करने में सक्षम है जैसे कम्प्यूटर डेटा पर निगरानी रखने, विश्लेषण करने, कम्युनिकेशन करने और यहां तक ​​कि काम करने में भी सक्षम है। वहीं इसमें मेमोरी के लिए SRAM का उपयोग किया गया है। वहीं उर्जा के लिए इसमें फोटो वोलाटिक सेल लगाएं गए हैं। यहीं नहीं इससे आप अपलिंक और डाउनलोड भी कर सकते हो।

इस प्रोजेक्ट का यह हिस्सा

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IBM की रिसर्च 5 in 5 प्रोजेक्ट का हिस्सा यह दुनिया का सबसे छोटा कम्प्यूटर फ़िलहाल तो दुनिया के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। IBM का कहना है उनकी टीम फ़िलहाल इसी तरह के प्रोडक्ट पर काम कर रही है। यह वे तकनीक है जो क्रिप्टो-एन्कर्स से जुडी हुई है जोकि ब्लाक चैन टेक्नोलॉजी के अनुसार काम करते हैं।

नकली और असली में फर्क बताएगा

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IBM ने दावा किया है कि क्रिप्टो-एंकर दुनिया के तमाम नकली प्रोडक्ट्स को ख़त्म करने का काम करेगा,IBM के अनुसार क्रिप्टो-एंकर विश्वसनीय है और इस भरोसा किया जा सकता है, साथ ही इसे कॉपी करना भी काफी मुश्किल भरा होगा। IBM इस प्रोडक्ट को दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाली चीजों के साथ एम्बेड करेगा। और फिर ब्लाक चैन की सहायता से यह पदार्थ की गुणवत्ता को बताएगा।

इतना समय लगेगा तैयार होने में

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अगर आप इस प्रोडक्ट्स का बाजार में आने का इंतजार कर रहे हैं तो आपको अभी 5 साल और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि अगले पांच सालों के भीतर IBM इस प्रोडक्ट को बाजार में ला सकता है। वहीं अगले 18 महीनों के अंदर क्रिप्टो-एन्कर्स के पहले मॉडल को तैयार कर लेगा।

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